संघर्षकारी ताकतों को एक मंच पर लाएगा उत्तराखंड क्रांति दल

 


 



देहरादून/उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेश के सभी आंदोलनकारी संगठनों और संघर्षकारी ताकतों को एकजुट करेगा। दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने आह्वान किया कि राज्य को बचाने के लिए सभी संघर्षकारी ताकतें एक मंच पर आएं। उन्होंने राज्य सरकार पर कर्मचारियों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। कहा कि अपनी मांगें मनवाने के लिए कर्मचारियों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। यह संवादहीनता और संवेदनहीनता की एक बानगी है। पुरानी पेंशन लागू करने की मांग भी उन्होंने की। कचहरी रोड स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भट्ट ने कहा कि अन्य राज्यों में जनता का क्षेत्रीय दलों की ओर रुझान और विश्वास बढ़ा है। ऐसे में अब उक्रांद पुरानी भूल को सुधारते हुए आगे बढ़ेगा। राज्य को बचाने के लिए सभी आंदोलनकारी संगठनों और संघर्षकारी ताकतों को एकजुट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है, जिसका उदाहरण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन है। उन्हें लंबे वक्त तक अपनी जायज मांगों को लेकर सड़क पर उतरकर संघर्ष करना पड़ा।इसके अलावा तमाम विभागों में सविंदा कर्मियों को छह माह से वेतन नहीं मिला है। सरकार व कर्मचारियों के बीच सहज संवाद होना आवश्यक है, पर राज्य सरकार पूरी तरह से कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि उक्रांद कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करता है। इस अवसर पर त्रिवेंद्र पंवार, हरीश पाठक, एपी जुयाल, वीर चंद्र रमोला, लताफत हुसैन, सुनील ध्यानी, प्रहलाद रावत, आशीष नौटियाल, रेखा मिया, सरिता पुरोहित, राजेश्वरी रावत, विजय बौड़ाई, राजेंद्र बिष्ट आदि उपस्थित थे।


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