कुछ शर्तों के साथ 15 अप्रैल तक लाॅक डाउन खोलने पर विचार

लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योेगी आदित्यनाथ ने 15 अप्रैल तक लाॅक डाउन खोलने पर विचार शुरू किया है। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 14 अप्रैल तक पूरे देश में लाॅक डाउन है। बाजार बंद हैं। ट्रेनें, बसें, हवाई जहाज, टैक्सियां कुछ भी नहीं चल रहा। 
मुख्यंमत्री ने इस संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें कहा गया लाॅक डाउन खुलने का मतलब पूरी छूट नहीं होगा। यूपी सरकार 14 अप्रैल के बाद लाॅक डाउन हटने की सूरत में कई बन्दिशें बरकरार रखेगी। इसका मकसद अफरातफरी को रोकना व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का है। 
सूत्रों के मुताबिक, सरकार बेसिक  व माध्यमिक स्कूल व काॅलेज आगे भी एक निश्चित अवधि तक बंद रखेगी लेकिन टेक्निकल व व्यवसायिक काॅलेज खोलने की तैयारी है। लाॅक डाउन जब खुलेगा तब पहले उन लोगों को आने जाने में तवज्जों दी जाएगी, जो कई दिनों से इधर उधर फंसे हुए हैं।  
बाजार व मंडियों को खोला जाएगा। माल में मल्टीपलेक्स को इस दायरे से बाहर रखने की योजना बन रही है। मुख्यमंत्री का कहना है कि डीएम व एसपी पहले लाॅक डाउन हटाने के बाद के हालात का आकलन अभी कर लें, जिससे बाद की आने वाली मुश्किलों से निपटा जा सके। सरकार का जोर 15 के बाद भी कही भी किसी रूप में भीड़ न लगने देने का है। मौजूदा वक्त की सारी ऐहतियात बाद में भी सख्ती से बरती जाएगी। इसमें समूह में न निकलने से लेकर सैनिटाइजेशन तक शामिल हैं। 
सरकार पहले उन जिलों से लाॅक डाउन हटाएगी, जहाँ कोरोना वायरस संक्रमण अपेक्षा काफी  कम है। इसमे भी वायरस संक्रमण वाले हाॅट स्पाॅट चिन्हित किए जा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि तब्लीगी जमात के संक्रिमत लोग कई जिलों में पहुँच चुके हैं और कोरोना वैरियर बन हुए हैं। ऐसे लोगो के कारण खास जिलों या उनके खास इलाको में जांच पूरी होने तक बंदिश रहेगी। सीएम ने पहले 15 जिलो में व बाद में पूरे यूपी में लॉकडाउन का एलान किया। 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में इसका ऐलान करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा था। पीएम ने हाल में 14 अप्रैल के बाद लाॅक डाउन हटाने का संकेत दिया है। 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर 15 अप्रैल से लाॅककडाउन खुलता है तो हालात बहुत चुनौतीपूर्ण होंगे। सभी को इसका पूरा ख्याल रखना जरूरी है। ऐसे में जो जहां फंसा होगा, वहां से आने का प्रयास करेगा। इन हालातों में सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कराना बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करें। स्कूल, काॅलेज, अलग-अलग तरह के बाजार और माॅल कब और कैसे खुलेंगे इसकी कार्ययोजना तैयार करें। 
सीएम ने बैठक कर टीम-11 के आॅफिसर्स के साथ लाॅक डाउन के खुलने की स्थिति की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जरूरतमंद तक समय से भोजन पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लें। सम्बन्धित जिलों के डीएम से समन्वय कर आंगनबाड़ी का पौष्टिक आहार भी घर-घर तक पहुंचाएं। 
सरकार 1000 करोड़ रुपये का कोरोना केयर फंड तैयार करेगी। इस फंड से टेस्टिंग लैब की सुविधाएं बढ़ाने के साथ इलाज में जरूरी और उपकरणों मसलन वेंटीलेटर, मास्क, सेनिटाइजर, पीपीई ;पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंटद्ध आदि की व्यवस्था की जाएगी। इस फंड में सरकार तो मदद देगी ही, अन्य लोगों के अलावा काॅरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी के तहत औद्योगिक घरानों से भी मदद ली जाएगी। प्रयास होगा कि हर मंडल और सभी 24 सरकारी मेडिकल काॅलेजों में जांच की सुविधा हो।


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