जबरदस्ती पारित किया वक्फ विधेयक,यह संविधान पर हमला : सोनिया गांधी
नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुरुवार को वक्फ (संशोधन) विधेयक को संविधान पर बेशर्म हमला करार देते हुए कहा कि यह समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में रखने की भाजपा की रणनीति का हिस्सा है। लोकसभा द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक पारित किए जाने के कुछ घंटों बाद गांधी ने कहा कि निचले सदन में इस विधेयक को "बुलडोजर" से पारित कर दिया गया।
यहां संविधान सदन में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में कांग्रेस सांसदों को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक संविधान का एक और उल्लंघन है और पार्टी इसका कड़ा विरोध करेगी।सोनिया गांधी नेआरोप लगाया कि चाहे वह शिक्षा हो, नागरिक अधिकार और स्वतंत्रता हो, हमारा संघीय ढांचा हो या चुनाव का संचालन हो, मोदी सरकार देश को रसातल में धकेल रही है, जहां हमारा संविधान केवल कागजों पर रह जाएगा और हम जानते हैं कि उनका इरादा उसे भी ध्वस्त करने का है। गांधी ने बैठक में सांसदों से कहा, "हम सभी के लिए यह जरूरी है कि हम सही और न्यायसंगत के लिए लड़ते रहें, मोदी सरकार की विफलता और भारत को निगरानी राज्य में बदलने के इरादे को उजागर करें।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित सभी पार्टी सांसद मौजूद थे।सोनिया गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने 2004-2014 के दौरान की गई कई पहलों को अपनी निजी उपलब्धियों के रूप में पुनः ब्रांड किया, पुनः पैकेज किया और विपणन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसे भी हमारी अपनी सार्वजनिक आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से उजागर करने की आवश्यकता है। संसद के दोनों सदनों के कामकाज पर बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं है और सत्ता पक्ष अक्सर कांग्रेस को अपने मुद्दे उठाने की अनुमति न देने के लिए व्यवधान पैदा करता हुआ पाया जाता है।
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