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जौनसार बावर जनजाति क्षेत्र का प्रसिद्ध जागड़ा पर्व कोविड-19 वायरस संक्रमण के चलते स्थागित
August 19, 2020 • Anil Kumar

देहरादून / जनपद के चकराता जनजाति क्षेत्र जौनसार बावर के सिद्ध पीठ हनोल मंदिर सहित क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों पर 21- 22 अगस्त में सदियों से मनाया जाने वाला जावड़ा पर्व कोरोनावायरस संक्रमण के चलते स्थगित कर दिया गया है। बताते चलें कि सिद्ध पीठ हनोल मंदिर में विराजमान महासू देवता जौनसार बावर के आराध्य देव है और साथ ही हिमाचल के बगाण क्षेत्र उत्तरकाशी के रवाई जौनपुर के लोग भी महासू देवता की पूजा अर्चना करते है । वही जागडा पर्व स्थगित होने पर क्षेत्र के लोगों में एक तरफ जहां मायूसी है वही सरकार की गाइडलाइन और कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए स्थगित किया गया। इस बात की जानकारी हनोल महासू देवता मंदिर समिति की अध्यक्षा एसडीएम चकराता डॉ अपूर्वा सिंह ने दी। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील करते हुए कहा की सभी लोग सरकार द्वारा दी गई गाइडलाइन का पालन करते हुए आपने घरों में रहकर पूजा पाठ करें और भीड़ के रूप में इकट्ठा ना हो, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, महासू मंदिर समिति के सदस्य और प्रेस क्लब पछुआदून के अध्यक्ष चंदंराम राजगुरु ने बताया कि महासू देवता का जागड़ा पर्व को छोड़कर ट्यूनी के हनोल, मैहद्रथ, राएगी ,ठडियार,कोटी बावर क्षेत्र तथा जौनसार के थैना मंदिर, बहलाड बिसोई मंदिर , मंदिर लखवाड़ मंदिर लक्षयार मंदिर, हयौ टगरी मंदिर, खंडवा मासूम मंदिर आदि जगह महासू देवता की पूजा अर्चना विधि विधान से उसी प्रकार की जाएगी जैसे सदियों से होती आई है। परंतु जागडा पर्व में महासू महाराज के दर्शनों को हजारों की संख्या में भीड़ एकत्रित होने की वजह से स्थगित किया गया है कोविड-19 वायरस संक्रमण के दृष्टिगत यह फैसला लिया गया है

Source :Agency news