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अगले दो घंटों के दौरान इन इलाकों में होगी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
September 2, 2020 • Anil Kumar

नई दिल्ली / सितंबर की शुरुआत में भी मौसम का मिजाज बदला नजर आ रहा है। मौसम विभाग द्वारा ज्यादातर स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान जारी किया जा रहा है। इस बार आपको बता दें कि अगस्त महीने में  सामान्य से 27 फीसद अधिक बारिश हुई है। यह पिछले 120 साल में दर्ज की गई चौथी सर्वाधिक बारिश है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया था कि देश में एक जून से 31 अगस्त के बीच सामान्य से 10 फीसद अधिक बारिश दर्ज की गई। देश में आधिकारिक रूप से वर्षा ऋतु को एक जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। अब मौसम विभाग की माने तो फिलहाल सितंबर की शुरुआत में मौसम खराब रहेगा। वहीं, बुधवार को मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। 

मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो घंटों के दौरान कोसली के आसपास के क्षेत्रों में मध्यम बारिश होगी और सिकंदराराऊ, कासगंज, हाथरस, अलीगढ़, अतरौली, टूंडला, आगरा, मथुरा, भरतपुर के आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश होगी। वहीं, आज और आगे आने वाले कुछ दिनों में पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल और केरल और माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, असम और मेघालय, तेलंगाना, रायलसीमा, तटीय और उत्तर आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिमी राजस्थान, गुजरात के कुछ हिस्सों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, उत्तरी कोंकण गोवा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा पश्चिमी मध्य प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के बाकी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हुई।

मौसम की जानकारी देने वाली संस्था स्काइमेट के अनुसार, निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिमी राजस्थान के आगे निकाल गया है और इस समय यह पश्चिमी राजस्थान और इससे सटे पाकिस्तान पर है। जल्द ही यह कमजोर हो जाएगा। वहीं, मानसून की अक्षीय रेखा इस निम्न दबाव के क्षेत्र से उत्तर प्रदेश में मथुरा और बहराइच होते हुए पूर्वोत्तर भारत में हिमालय के तराई क्षेत्रों में पहुंच गई है।...और तो और दक्षिण भारत में तमिलनाडु के तटों पर एक ट्रफ बना हुआ है।