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भिक्षा मांगने वाली हंसी से मिलने पहुंचीं राज्य मंत्री रेखा आर्य, कहा - समाज कल्याण विभाग में मिलेगी नौकरी
October 20, 2020 • Anil Kumar

कुमाऊं विश्वविद्यालय की होनहार और डबल एमए करने वाली अल्मोड़ा की हंसी के हरिद्वार में भिक्षा मांगने की खबर अमर उजाला में छपने के बाद मंगलवार को राज्य मंत्री रेखा आर्य उनसे मिलने पहुंचीं।    

इस दौरान मंत्री रेखा आर्य ने हंसी को समाज कल्याण विभाग में नौकरी देने की बात कही। कहा कि नौकरी से पहले हंसी की काउंसिलिंग की जाएगी। जिस पर हंसी ने मंत्री से इस बारे में सोचने के लिए एक दिन का समय मांगा।
इस दौरान हंसी ने कहा कि वह अल्मोड़ा या देहरादून नहीं जाना चाहती हैं। वह हरिद्वार में रहना चाहती हैं। फिलहाल हंसी के रहने की व्यवस्था की जाएगी।

इससे पहले सोमवार को खबर छपने के बाद खुफिया विभाग ने जानकारी जुटाकर शासन को रिपोर्ट भेजी तो दूसरी तरफ कई लोग हंसी प्रहरी और उनके बेटे परीक्षित कुमार के चेहरे पर हंसी लाने के लिए सामने आए। कुछ लोगों ने तत्काल आर्थिक मदद भी मुहैया कराई। एसडीएम ने भी हंसी प्रहरी से मिलकर हालचाल जाना और तीन दिन के अंदर आवास दिलाने का आश्वासन दिया।

सोमवार के अंक में अमर उजाला ने अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर क्षेत्र के हवालबाग ब्लॉक के रणखिला गांव की हंसी प्रहरी के हरिद्वार में भिक्षा मांगने की खबर प्रमुुखता से प्रकाशित की थी। दोपहर तक यह बात शहर में आग की तरह फैल गई। सबसे पहले खुफिया तंत्र हरकत में आया और सत्यता जानने में जुट गया।
खुफिया विभाग के एक दरोगा ने हंसी के बारे में पूरी जानकारी जुटाई
खुफिया विभाग के एक दरोगा ने हंसी के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। इसी बीच बैरागी कैंप निवासी शालिनी नागरकोटी नेहरू युवा केंद्र पहुंचीं। शालिनी कुमाऊं विवि के अल्मोड़ा कैंपस की छात्रा रह चुकी हैं, वे हंसी से एक क्लास सीनियर थीं। शालिनी ने जब उनकी मदद करने की बात कही तो हंसी एकदम नाराज हो गईं। 

कुछ देर बाद सामान्य हुई तो अपनी कई बातें शालिनी से शेयर की। बिल्केश्वर निवासी मेडिकल की छात्रा समृद्धि ने पांच हजार की मदद करने की बात कही तो पहले तो हंसी ने मना कर दिया, लेकिन लोगों के समझाने पर राजी हो गईं। ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ की ब्रांड एंबेसडर मनु शिवपुरी भी हंसी की सुध लेने पहुंचीं।

उन्होंने कहा कि वह हंसी और उनके बेटे के रहने की व्यवस्था करेंगी। उन्होंने हंसी को नौकरी का प्रस्ताव दिया तो उन्होंने असमर्थता जताई। हालांकि, मनु शिवपुरी ने कहा कि वे जिस तरह का काम करना चाहेंगी उसी तरह का काम उपलब्ध कराया जाएगा।


Source:Amarujala