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दूसरों के घरों में आश्रय लेने को मजबूर ग्रामीण
August 26, 2020 • Anil Kumar

ऊखीमठ / कालीमठ घाटी में विगत कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से घाटी के जाल मल्ला, चौमासी, जाल तल्ला व चिलौण्ड गाँवों में भी प्रकृति का कहर जमकर बरसने से ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ गई है। चारों गाँवों में दर्जनों मकानों के खतरे की जद में आने से सांय सात बजे बाद ग्रामीण बोरिया बिस्तर समेट कर सुरक्षित घरों में रात्रि गुजारने को विवश है। गाँवों के पैदल मार्गो के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को जान हथेली पर रखकर मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है।काश्तकारों की कृर्षि भूमि व फसलें भूधसाव के कारण बर्वाद होने से ग्रामीणों को भविष्य में दो जून की रोटी के लिए मोहताज होना पड़ सकता है। गाँवों को पेयजल आपूर्ति करने वाली पेयजल योजनाओं के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को मीलो दूर प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गुप्तकाशी – कालीमठ – चौमासी मोटर मार्ग पर जाल मल्ला – चौमासी के मध्य मोटर मार्ग का पुश्ता क्षतिग्रस्त होने से चौमासी के ग्रामीणों को रोजमर्रा की सामाग्री पीठ में ढोने पड़ रही है। जानकारी देते हुए प्रधान जाल मल्ला त्रिलोक रावत ने बताया कि विगत दिनों क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से गांव में भूधसाव होने से केशर सिंह की मकान व गौशाला तथा संग्राम सिंह की गौशाला खतरे की जद में आ गये है । नरेंद्र सिंह, चन्द्र सिंह, शिव सिंह सहित एक दर्जन से अधिक काश्तकारों की उपजाऊ भूमि व फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि जलयाण – चौमासी – जाल मल्ला पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से गांव 15 परिवारों में पेयजल संकट बना हुआ है। प्रधान चौमासी मुलायम सिंह तिन्दोरी ने बताया कि जाल मल्ला – चामुण्डा देवी – चौमासी पैदल मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है तथा कटहल गदेरे पर बना पुल के टूटने से ग्रामीणों की आवाजाही ठप हो गई है। उन्होंने बताया कि गांव में भूधसाव होने से नन्दन की गौशाला पूर्णतया क्षतिग्रस्त हो गयी है तथा रणजीत सिंह, नन्दन सिंह राय सिंह, अमर सिंह की मकानो व रवींद्र सिंह की गौशाला खतरे की जद में आ गये हैं व चौमासी गांव व निवतर के निचले हिस्से में भूधसाव होने से 70 परिवारों को खतरा बना हुआ है। बताया कि भूधसाव के कारण कई पेयजल योजनाये, कृषि भूमि व फसलों को भारी नुकसान हुआ है तथा जाल मल्ला – चौमासी मोटर मार्ग पर पुस्ता टूटने ग्रामीणों को रोजमर्रा की सामाग्री पीठ में ढोने पड़ रही है। जाल तल्ला निवासी प्रदीप राणा ने बताया कि गांव के निचले हिस्से में निरन्तर भूधसाव होने से गांव के 70 परिवारों को खतरा बना हुआ है! क्षेत्र पंचायत सदस्य बलवीर रावत ने बताया कि क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश से चिलौण्ड गांव में भी भारी नुकसान हुआ है। जाल तल्ला – चिलौण्ड पैदल मार्ग जगह – जगह क्षतिग्रस्त हो गया है तथा चौमासी – चिलौण्ड पेयजल योजना के क्षतिग्रस्त होने से गांव के 45 परिवारों में पेयजल संकट बना हुआ है। बताया कि चौमासी – चिलौण्ड गाँवों के मध्य काली गंगा पर बने पुल के क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को कईं किमी दूरी तय करने के बाद दूसरे गांव से सम्पर्क करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि चिलौण्ड गाँव के कईं स्थानों पर भूधसाव होने से काश्तकारों की कई हेक्टेयर कृर्षि भूमि व फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जिला पंचायत सदस्य कालीमठ विनोद राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य सोमेश्वरी भटट् ने प्रभावित गाँवों का भ्रमण कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया तथा शासन – प्रशासन से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

Source :Agency news