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हरिद्वार : डबल एमए तक शिक्षा, फिर भी छह साल के बेटे के साथ धर्मनगरी में मांग रहीं भिक्षा
October 19, 2020 • Anil Kumar

कुमाऊं विश्वविद्यालय की अंग्रेजी व राजनीति विज्ञान से एमए करने वाली अल्मोड़ा की होनहार धर्मनगरी की सड़कों पर खानाबदोश का जीवन जीने को मजबूर हैं।

वह अपने छह साल के बेटे के साथ भिक्षावृत्ति कर पेट पाल रही हैं। हंसी उस समय सभी का ध्यान अपनी तरफ तब खींच लेती हैं, जब बेटे को पढ़ाते समय फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने लगती हैं।
हंसी प्रहरी लंबे समय से हरिद्वार में अलग-अलग स्थानों पर भिक्षावृत्ति करती देखी गईं हैं। जवाहर लाल नेहरू युवा केंद्र पर भी हंसी का आना जाना रहा है।
केंद्र के सचिव सुखवीर सिंह से वह कई बार भिक्षा मांग चुकी है। उन्होंने बताया कि वह केवल अपने बच्चे की पढ़ाई के लिए पैसे मांगती हैं। ज्यादा पैसे देने पर लौटा देती हैं।
साथ रखे हैं अपने सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र
रविवार को हंसी प्रहरी अपने बेटे के साथ नेहरू केंद्र पर पहुंचीं। जवाहर लाल नेहरू युवा केंद्र के सचिव सुखवीर सिंह के कहने पर मीडियाकर्मियों ने उनसे बातचीत शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने अपनी पूरी कहानी बयां कर दी।

खास बात यह है कि उन्होंने अपने सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र साथ रखे हुए हैं। हंसी ने बताया कि वह अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के हवालबाग विकासखंड के अंतर्गत गोविंदपुर के पास रणखिला गांव की रहने वाली हैं।

पांच भाई, बहनों में वह सबसे बड़ी हैं। प्राथमिक से लेकर इंटर तक की उनकी पढ़ाई गांव में ही हुई। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय के अल्मोड़ा कैंपस में प्रवेश लिया। हंसी ने बताया कि वह पढ़ाई के साथ विवि की अन्य शैक्षिक गतिविधियों में भी शामिल होती थीं।
शादी के बाद धर्म के प्रति झुकाव
वर्ष 2000 वह अपने कॉलेज की छात्रसंघ चुनाव में उपाध्यक्ष चुनी गईं। बाद में वह कुमाऊं विश्वविद्यालय में ही लाइब्रेरियन की नौकरी करने लगीं। वहां उन्होंने चार साल तक नौकरी की।

हंसी का कहना है कि शादी के बाद अचानक उनके जीवन में बदलाव आने लगा। उनका मन घर में नहीं लगा और धर्म के प्रति झुुकाव हुआ। इसके बाद वह हरिद्वार चर्ली आईं।

हंसी बताती हैं कि वह शारीरिक रूप से कमजोर हो गईं तो कहीं नौकरी करने के लायक नहीं रहीं। इसलिए उन्होंने भिक्षावृत्ति का निर्णय लिया।
विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं
वर्ष 2000 में छात्रसंघ की उपाध्यक्ष बनी हंसी ने उत्तराखंड राज्य बनने के बाद हुए विधानसभा चुनाव में सोमेश्वर सीट से कांग्रेस के प्रदीप टम्टा और भाजपा के राजेश कुमार के खिलाफ ताल ठोकी थी।

उस समय 53689 मतदाताओं वाली इस सीट पर हंसी समेत 11 प्रत्याशी मैदान में थे और 26572 मतदाताओं ने वोट डाले थे। हंसी ने इस चुनाव में 2650 वोट हासिल किए थे। कांग्रेस के प्रदीप टम्टा ने 9146 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी जबकि भाजपा के राजेश कुमार 8263 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर थे।

हंसी ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी नानी के पास रहती है। छह साल का बेटा उनके साथ रहता है। जवाहर लाल नेहरू युवा केंद्र के सचिव सुखवीर सिंह ने बताया कि बेटा सरस्वती शिशु मंदिर मायापुर में दूसरी कक्षा में पढ़ता है। वह अपने बेेटे को अफसर बनाना चाहती हैं। सुखवीर सिंह चाहते हैं कि हंसी और उनके बेटे के लिए रहने का कोई ठिकाना हो जाए ताकि वह पढ़कर अच्छा जीवन जी सके।

Source:Agency News