ALL लेख
कविता- "माफ़ किया"
October 7, 2020 • Anil Kumar

शिवम अनन्तपुरिया

"माफ़ किया"

 
 _गलतियाँ अपनों की हजारों_ 
 _माफ़ किया करता हूँ_ 
 _फ़िलहाल मैं किसी को माफ़_
_करने के लायक नहीं_
 _फ़िर भी बस जिंदगी के हजारों_ ख्वाब जिया करता हूँ_ 
 
 _कुछ भी हो तुम्हें तो गलत हम_ _कह सकते नहीं_ 
 _जिंदगी ये कहाँ ले जाएगी इसका_ _तो पता नहीं_
_अभी तो बस अपनी_ _आलोचनाओं को सहा करता हूँ_ 
 _रूठे हुए लोगों की मुस्कान बना_ _करता हूँ_ 
 
 _मैं नाराज होता ही नहीं तुमसे रूठ_ _कर जाऊँगा कहाँ_ 
 _किसने मुझसे क्या कहा सबको हूँ_ _मैं बताता कहाँ