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खुलासा : उत्तराखंड सीएचओ भर्ती मे भारी गड़बड़ी। सैकड़ों बाहरियों की नियुक्ति की आशंका
September 28, 2020 • Anil Kumar

उत्तराखंड में सी एच ओ की भर्ती में चल रही है अनियमितता

वर्तमान में उत्तराखण्ड मे चल रही कम्युनिटी हैल्थ आफिसर की भर्ती प्रक्रिया में बहुत सी अनियमितताएं बरती जा रही है जिसमें से कुछ प्रमुख हैं।सी एच ओ भर्ती प्रक्रिया पूर्व में लिखित परीक्षा के माध्यम से की गई है लेकिन इस बार इस भर्ती प्रक्रिया को परीक्षा के माध्यम से ना करा के परसेंटेज आधार पर किया जा रहा है जो कि नर्सिंग नियमावली के विरूद्ध है।

इस भर्ती प्रक्रिया में चयनित लोगों की लिस्ट में बहुत से लोग ऐसे है जिनकी उम्र अभी 18 साल पूर्ण हुई है ऐसे लोगों का इसमें चयन किया गया है जिनका जिनकी डेट ऑफ बर्थ 2002 है, 2002 वाला 15 साल में हाई स्कूल करेगा। मतलब 2017 में हाईस्कूल पास हुआ 2019 में इंटर पास हुआ तो नर्सिंग का कोर्स 1 साल में कैसे कंप्लीट कर लिया ! जबकि नर्सिंग का कोर्स 3 साल का जीएनएम और 4 साल का बीएससी नर्सिंग होता है।

जबकि नर्सिंग डिग्री या डिप्लोमा प्रशिक्षण में प्रवेश लेने के लिए न्यूनतम आयु 17 वर्ष होना जरूरी है। ऐसे में 18 वर्ष की आयु वाला व्यक्ति किस तरह से 4 वर्ष का कोर्स कंप्लीट करके 18 वर्ष की उम्र में जॉब ज्वाइन कर सकता है।

सी एच ओ भर्ती में राज्य से बाहर के लोगों को बिना उत्तराखंड नर्सेज काउंसिल के रजिस्ट्रेशन के व बिना उत्तराखंड के स्थाई निवास के भर्ती में समिलित किया गया है व नियुक्ति की जा रही है जबकि अन्य राज्यो में (राजस्थान,मध्यप्रदेश,असम आदि) में उक्त राज्य की नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।

उत्तराखंड राज्य का निर्माण उत्तराखंड के लोगों का विकास और उत्तराखंड कि संस्कृति को बचाए रखने के लिए हुआ था जबकि इस तरह से हर भर्ती प्रक्रिया में उत्तराखंड के बेरोजगारों को छला जा रहा है। जिसे उत्तराखंड के बेरोजगार पलायन के लिए विवश है तथा पलायन दिन प्रतिदिन बढ रहा है व राज्य में बाहरी लोगों का वर्चस्व बढ रहा है।

अभ्यर्थियों ने इस विषय पर संबंधित विभाग को विभिन्न माध्यमों से सूचित किया गया है व समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन उत्तराखंड के इस करप्ट सिस्टम के आगे सब बेकार है। हम लोगों की इस आवाज को अपने चैनल के माध्यम से प्रसारित कर हमारी इस आवाज को सबके सामने लाने व इस भ्रष्ट सरकार की आंखे खोलने में हमारी मदद करे।

Source :parvatjan