ALL लेख
पालतू कुत्ते की जुदाई में M.Com की छात्रा ने दे दी जान, सामने आया सुसाइड नोट
November 20, 2020 • Anil Kumar

कोतरा रोड थाना प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के कोतरारोड थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोरखा में पालतू कुत्ते की मौत होने के बाद इससे व्यथित 22 वर्षीय एमकॉम की छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

 

रायगढ़ /  प्रेमी-प्रेमिकाओं के लिए अपनी जान की बाजी लगाने वाले लोग तो आपने बहुत देखे होंगे, कॅरियर या नौकरी में असफल साबित होने या प्रेमी द्वारा धोखा दिए जाने से आहत लोगों के आत्महत्या करने जैसे किस्से भी आपने सुने होंगे। कुछ लोग तो घर में मामूली झगड़े से ही अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए विवश हो जाते हैं। लेकिन क्या कभी आपने किसी को अपने पालतू जानवर के गम में शरीर त्यागते सुना है। जी हां, इसी तरह की एक घटना छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में देखने को मिली है।  इस संबंध में कोतरा रोड थाना प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के कोतरारोड थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोरखा में पालतू कुत्ते की मौत होने के बाद इससे व्यथित 22 वर्षीय एमकॉम की छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोग व परिजन सदमे में हैं। घटना 17 नवंबर की देर रात की है।

 

 

छात्रा प्रियांशी पिता दिलीप सिंह उम्र 22 वर्ष गोरखा थाना कोतरारोड की रहवासी थी। वह एमकॉम की पढ़ाई कर रही थी। पुलिस की जांच से पता चला कि युवती के घर मे एक पालतू कुत्ता बाबू था। वह पिछले दो-तीन दिनों से बीमार था। मंगलवार की रात उसकी मौत हो गई। 

कुत्ते की मौत होने से घरवाले दु:खी थे और सभी रात एक बजे तक घर मे ही बैठकर चर्चा कर रहे थे। इसी बीच युवती अपनी बड़ी बहन के साथ कमरे में सोने चली गई और रात में ही उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। वहीं, बुधवार की सुबह जब घर के सदस्य कुत्ते के शव को दफनाने की तैयारी कर रहे थे, तब उन्होंने प्रियांशु को वहां नहीं देखा। बाद में जब परिजन प्रियांशु के कमरे में पहुंचे, तब उन्होंने उसके शव को फांसी पर लटकते हुए पाया।

 

बाबू के साथ दफनाना

 

लड़की कुत्ते को प्यार से बाबू कहकर बुलाती थी। पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। मिले सुसाइड नोट में युवती ने अपने माता-पिता को आखिरी इच्छा बताते हुए लिखा, 'मेरी अंतिम इच्छा है कि मुझे जलाया न जाए और मेरे बाबू के साथ मुझे दफनाया जाए। मम्मी-पापा अपना ख्याल रखना।'

 

लड़की की मौत के बाद जहां घर वाले काफी दुखी और परेशान हैं। वहीं गांव में काफी तनाव है। लड़की एम कॉम की पढ़ाई कर रही थी और खाली समय में गांव के बच्चों को भी पढ़ाया करती थी।

Sources:Prabhashakshi Samachar