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परिसंपत्ति बंटवारे व कुंभ पर हो सकता है मंथन
November 16, 2020 • Anil Kumar

 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तराखंड दौरे से दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे से जुड़े लंबित मसलों के समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि योगी आदित्यनाथ केदारनाथ व बदरीनाथ की यात्रा पर हैं इस अवधि में राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उनके साथ रहेंगे।

 

देहरादून /  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तराखंड दौरे से दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे से जुड़े लंबित मसलों के समाधान की उम्मीद जगी है। हालांकि, योगी आदित्यनाथ केदारनाथ व बदरीनाथ की यात्रा पर आए हैं, लेकिन इस अवधि में राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी उनके साथ रहेंगे। ऐेसे में माना जा रहा कि परिसंपत्ति बंटवारे के अलावा हरिद्वार में अगले साल होने वाले कुंभ की तैयारियों के मद्देनजर दोनों मुख्यमंत्री विचार-विमर्श कर सकते हैं। प्रयागराज कुंभ में जिस तरह उत्तर प्रदेश ने ब्रांडिंग की थी, उसी तरह के प्रयोग हरिद्वार कुंभ में उत्तराखंड भी अपना सकता है।

उत्तराखंड को उत्तर प्रदेश से अलग हुए 20 साल हो चुके हैं, लेकिन परिसंपत्तियों के बंटवारे का मसला अभी तक हल नहीं हो पाया है। हालांकि, पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में इसे लेकर उच्च स्तर पर कई दौर की वार्ताएं हुई, मगर बात बहुत आगे नहीं बढ़ पाई। इस बीच उत्तर प्रदेश में भी भाजपा सरकार बनने और उत्तराखंड व केंद्र में भी भाजपा की सरकार होने से इन मसलों को लेकर कसरत हुई। इसके सकारात्मक नतीजे आए। नतीजतन कई प्रकरण निस्तारित हो चुके हैं, मगर कुछ मामले अभी लंबित हैं।वर्तमान में दोनों राज्यों के बीच परिवहन, सिंचाई, आवास, वन निगम व ऊर्जा विभाग जैसे कई अहम विभागों की परिसंपत्तियों के बंटवारे का निस्तारण होना बाकी है। इस दिशा में सकारात्मक कदम भी आगे बढ़ रहे हैं। अब जबकि उत्तराखंड से ताल्लुक रखने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केदारनाथ, बदरीनाथ की यात्रा पर आए हैं तो परिसंपत्तियों के जल्द बंटवारे की मुहिम तेज होने की आस भी जगी है।

 

बदरीनाथ में उत्तर प्रदेश के जिस नए पर्यटक आवास गृह की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सोमवार को आधारशिला रखेंगे, उसके निर्माण की राह भी कुछ समय पहले हुए आपसी समझौते के बाद खुली है। ऐसे में माना जा रहा कि दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के केदारनाथ में रात्रि विश्राम और बदरीनाथ में रहने के दौरान उनके मध्य परिसंपत्तियों के मसले पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्ष प्रयागराज कुंभ का सफल आयोजन कर देश-दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा था। प्रयागराज कुंभ को लेकर ब्रांडिंग और व्यवस्थाओं की हर स्तर पर तारीफ हुई थी। वर्तमान में उत्तराखंड सरकार भी हरिद्वार में अगले साल होने वाले कुंभ की तैयारियों में जुटी हुई है। ऐसे में माना जा रहा कि हरिद्वार कुंभ की व्यवस्थाओं में उत्तर प्रदेश से सहयोग के मद्देनजर मुख्यमंत्री रावत, योगी आदित्यनाथ से वार्ता कर सकते हैं।

 
Sources:JNN