ALL लेख
प्रीपेड मीटर से बिलों में होगी चार प्रतिशत की कमी,  उत्तराखंड ऊर्जा निगम ने शुरू की योजना
September 28, 2020 • Anil Kumar

अगर आप हर महीने अपने बिल में कमी लाना चाहते हैं तो आप प्रीपेड मीटर लगा सकते हैं। प्रीपेड मीटर लगाने पर घरेलू उपभोक्ता अपने बिलों में चार प्रतिशत की कमी ला सकते हैं। घरेलू के अलावा अन्य उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर लगाने पर तीन प्रतिशत की छूट मिलेगी। ऊर्जा की बचत और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए ऊर्जा निगम ने यह स्कीम शुरू की है। 

प्रदेश में ऊर्जा निगम के 25 लाख 37 हजार उपभोक्ता हैं। इसमें से 22 लाख 15 हजार उपभोक्ता घरेलू जबकि अन्य उपभोक्ता कार्मिशियल और अन्य उपभोक्ता हैं। इनमें से अभी तक लगभग सभी उपभोक्ता सामान्य मीटरों का उपयोग कर रहे हैं।
हर साल टैरिफ में बढ़ोतरी होने के कारण उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिल चुकाना पड़ता है। ऊर्जा बचत और उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचाने के लिए ऊर्जा निगम ने प्रीपेड मीटर को बढ़ावा देने  की योजना शुरू की है। इसके तहत अब प्रीपेड मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल के एनर्जी चार्ज में बड़ी छूट दी जाएगी।
अगर घरेलू उपभोक्ता प्रीपेड मीटर लगाता है तो वह अपने बिलों में चार प्रतिशत की कमी ला सकता है। घरेलू के साथ ही अन्य उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर लगाने में ऊर्जा निगम तीन प्रतिशत की छूट दे रहा है।

वर्तमान में चार्ज
वर्तमान में फिक्स और एनर्जी चार्ज रुपये में प्रति यूनिट 

यूनिट  - फिक्स चार्ज - एनर्जी चार्ज 
100 यूनिट, प्रति माह  से ऊपर,  60 रुपये, 2.80 
101से 200 यूनिट, 95, 3.75 
201 से 400 यूनिट, 165, 5.15
400 यूनिट से ऊपर, 260, 5.90 

उपभोक्ताओं और निगम दोनों को फायदा

ऊर्जा निगम की इस स्कीम से लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा। अभी तक प्रति यूनिट घरेलू उपभोक्ताओं को 2.80 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से एनर्जी चुकाना चाहता है। अगर उपभोक्ता प्रीपेड मीटर लगाता है तो उसे प्रति यूनिट एनर्जी चार्ज में चार प्रतिशत कम देना पडे़गा। इससे बिल में काफी कमी होगी।

पांच किलोवाट से ऊपर वाले उपभोक्ताओं को भी काफी फायदा मिलेगा। उन्हें एनर्जी चार्ज के रूप में तीन प्रतिशत कम चुकाना पड़ेगा। इस सिस्टम से निगम को भी फायदा होगा। इससे निगम को एडवांस में बिल का पैसा मिलेगा और रीडिंग आदि की झंझट नहीं रहेगा। 

यह स्कीम उपभोक्ताओं और निगम के हित में है, लेकिन अभी तक उपभोक्ता इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। इससे उपभोक्ता अपने बिलों में चार प्रतिशत की कमी ला सकते हैं। दूसरी ओर  निगम को भी मीटर रीडिंग आदि से निजात मिलेगी ओर एडवांस में पैसा मिलेगा।
-ईई, एपीडीआरपी, सुधीर कुमार


Source:Amarujala