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तेजी से बढ़ रहा जलस्तर, खतरे के निशान से इतने ऊपर पहुंची घाघरा
August 2, 2020 • Anil Kumar

घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़कर नये कीर्तिमान स्थापित करते हुए खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गया है जिससे ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गयी है। इस वर्ष घाघरा नदी ने चौथी बार खतरे के निशान को पार किया है लेकिन चौथी बार की यह बाढ़ प्रलयकारी दिखायी पड़ रही है। शुक्रवार को पूर्वाह्न दस बजे घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान 106.076 मीटर के सापेक्ष 107.066 मीटर पर बह रही थी जो खतरे के निशान से 99 सेमी ऊपर है। 

इसके साथ ही जलस्तर का बढ़ना अभी जारी है। जलस्तर बढ़ने के कारण नदी और बांध के बीच बसे नकहरा ग्राम के सभी नौ मजरे राधे पुरवा, तीरथराम पुरवा, पोहिल पुरवा, बसंत लाल पुरवा, मोछारन पुरवा, दुलारे पुरवा, छंगूलाल पुरवा, संभर पुरवा और देवकिशुन पुरवा के घरों में पानी भर गया है। ग्रामीण अब अपने जानवरों को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं।

इसके साथ ही ग्राम चंदापुर किटौली के तीन मजरे बिचला मांझा, नाऊ पुरवा और धुसवा पूरे पसियन भी बाढ़ से प्रभावित हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों के आवागमन के लिए चंदापुर किटौली में एक तथा ग्राम नकहरा में 15 नावें लगा दी हैं। इस बाढ़ से एल्गिन-चरसड़ी बांध में भी रिसाव शुरू हो गया है जिससे ग्राम घरकुंइया के नाऊ पुरवा और अनुसूचित पुरवा के चारों ओर पानी भर गया है तथा सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न हो गयी है।

प्रशासन ने बांध के आसपास के गांवों को खाली कराने का काम शुरू किया ।एल्गिन चरसडी बांध के माप के अनुसार 4 लाख 01 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा था।जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि शुक्रवार को पानी की बढ़त जारी रहेगी। घाघरा नदी अपने उफान पर आने के साथ-साथ सीधे बांध के टकराने लगी है। ग्राम बांसगांव के पास नदी का जलस्तर जितना ऊंचे जा रहा है उसके हिसाब से बनाए गए स्पर डूबने लगे हैं और नदी बांध से टकराने लगी है। उधर प्रशासन ने बांध के आसपास के गांवों को खाली कराने का काम शुरू कर दिया है।

जिससे नदी से निकल कर बाढ़ का पानी नाले के रास्ते ग्राम नकहरा के मजरा पुहिल पुरवा, मोछारन पुरवा व राधे पुरवा के चारो तरफ भर गया है। यदि इसी तरह जल स्तर बढ़ता रहा तो शुक्रवार की शाम तक नकहरा गांव के सभी मजरे प्रभावित हो जायेंगे। वहीं माझा रॉयपुर, परसाबल, नैपुरा पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। बांध से वापस अपने घर लौटने वाले लोग पुनः अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंच रहे है।

बाढ़ चैकी गौरा सिंहपुर, पाल्हापुर एवं प्राथमिक विद्यालय नकहरा को शरण स्थल के रूप में बनाया गया है। जहां गांव के लोग अपने मवेशियों को लेकर आने लगे हैं। इसके अलावा प्रशासन ने सभी बाढ़ चैकियों को अलर्ट कर के वहां राजस्व कर्मचारियों के साथ-साथ अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी तैनात कर दिया है। एसडीएम का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है और लगातार बांध पर निगरानी कराई जा रही है।

एसडीएम ज्ञानचन्द गुप्ता ने बताया कि नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। जिसे देखते हुये क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को किसी तरह की कोई समस्या नही होने दी जायेगी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी पूर्व में ही की जा चुकी है।सिंचाई विभाग के अवर अभियंता एमके सिंह ने बताया कि जल स्तर बढ़ने घटने से बांध को कोई खतरा नही है।

Source :Agency news