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वीडियो: रसूखदारों ने कोरोना कानून की धज्जियां उड़ाकर खतरे में डाला उत्तरकाशी का जनजीवन
July 31, 2020 • Anil Kumar

सोमवार को उत्तरकाशी के कोतवाली और अस्पताल में हंगामा करने वाले ऊपर परिवार के खिलाफ भले ही सरकारी कार्य में बाधा डालने और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिए गए हैं लेकिन उनके परिवार के दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एक अहम सवाल नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या उनके खिलाफ भी धारा 307 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया जाएगा जैसे कि बड़कोट वाले एक युवक के खिलाफ किया गया था यदि ऐसा नहीं किया गया तो लोगों का सवाल अपनी जगह लाजमी हो जाएगा कि क्या कोविड कानून नियम सिर्फ गरीब पर लागू होता है! नगर मे कुछ ऐसे ही सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं। उत्तरकाशी को खतरे में डालने वाला संजीव उप्पल,अंकित उप्पल के परिवार पर क्या प्रशासन करेगा कोविड 19 एक्ट के तहत कार्यवाही !जनपद उत्तरकाशी पहले ही कोरोना के बढ़ते केस से दहशत में है, ऊपर से कंटेन्मेंट ज़ोन के अंदर का परिवार कैसे कंटेन्मेंट जोन से बाहर आकर हॉस्पिटल में आई सी यू वार्ड तक गया कैसे ! भीड़ के बीच यह परिवार गया कैसे ! यह परिवार थाने में 4 से 5 घण्टे थाने में इधर उधर घूमता रहा कैसे ! यह परिवार के सदस्य सीएमओ ऑफिस तक गया। इस सबकी जानकारी प्रशासन को थी। इसकी जनकारी जिला अस्पताल प्रशासन को थी। इसकी जानकारी पुलिस प्रसाशन को थी। बावजूद इसके कैसे यह लोग पर नियमों के तहत सख्त कार्यवाही नही की गई !हॉस्पिटल हो या थाना कोतवाली मे भीड़ भाड़ में बिना मास्क पहने घूमने ,सभी नियमों की धज्जियां उड़ाने ओर इन ही लोगों का कोरोना पॉजिटिव निकलने के बावजूद धारा 307 में क्यो मुकदमा पंजीकृत नही किया जा रहा है ! क्या रसूख का यह असर है कि नियम कानून ही बदल गए।क्या कानून नियम सिर्फ गरीबो के लिए है !by

जिला प्रसाशन ने अपनी चूक से पूरे जनपद को खतरे में डाला है यह परिवार के सदस्य सैकड़ों लोग के सम्पर्क में कल ही आ गए हैं, जिससे पूरा उत्तरकाशी खतरे में पड़ गया है न जाने यह महामारी कहां तक फैल सकती है !

 

● हॉस्पिटल के प्रशासन ने कोविड नियमो का उल्लंघन के लिये क्या कोई एफ आई आर दर्ज करवाई ?

● जिला प्रशासन ने किया कन्टेन्टमेंट जोन नियम उल्लंघन हॉस्पिटल ,थाना कोतवाली में दिन भर पूरे परिवार के रहकर लोगों से फिजीकली टच होने के कारण जो नियमों की धज्जियां उड़ाई है क्या इन पर 307 का मुकदमा दर्ज हुआ है ?

● पुलिस प्रशासन द्वारा क्या उचित धारा में मुकदमा पंजीकृत किया गया है !

क्योकि यह कई पुलिस अधिकारी सिपाहियों के सम्पर्क में आये साथ ही अन्य कई लोग के सम्पर्क में आये ?

● क्या जिला प्रशासन ने इनके सम्पर्क के आये सभी लोगों की सूची बनाई है क्योंकि समय पर यदि यह सूची नही बनी तो यह महामारी पूरे जनपद में फैलने का खतरा बन गया है।

 

जिस तरह बड़कोट के गरीब बेरोजगार युवा पर 307 का मुकदमा पंजीकृत हुआ तो क्या यह नियम रसूखदार परिवार के लिए बदल जाता है जिन्होंने जनपद को ही खतरे में डाल दिया है। यदि उचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत नही किया गया तो जनता सड़क पर उतरने को धरना देने को मजबूर हो जयेगी जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। हमारे जनप्रतिनिधि विधायक जी आपकी जिम्मेदारी बनती है उत्तरकाशी के हित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से नियमों कानून का पूरी तरह पालन करवाये।

सोमवार को हंगामा करने वाले उप्पल परिवार के लोगों को पहले ही होम क्वारंटाइन किया गया था। इन्होंने होम क्वारंटाइन से निकलकर कोतवाली और अस्पताल में हंगामा किया। इनमें से 2 लोग कोरोनावायरस पॉजिटिव निकले हैं। इस हंगामे के कारण व्यवस्था संभालने के चलते छह पुलिसकर्मियों को भी होम क्वारंटाइन कर दिया गया है।

Source :Parvatjan